ख़त्म हुआ 829 भारतीयों का संघर्ष, यूपीएससी ने जारी किया परीक्षा का रिजल्ट

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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है, इस बार परीक्षा में प्रदीप सिंह ने टॉप किया है, दूसरा स्थान जतिन किशोर और तीसरा प्रतिभा वर्मा को मिला है

इस बार कुल 829 उम्मीदवारों का चयन किया गया है, इसमें जनरल केटेगरी के 304, ईडब्लूएस से 78, 251 ओबीसी उम्मीदवार, 129 एससी और 67 एसटी केटेगरी से हैं, सभी परीक्षार्थियों के नंबर्स की  घोषणा 15 दिन बाद बाद की जाएगी  I  

यूपीएससी एग्जामिनेशन को देश का सबसे कठिन एग्जाम माना जाता है और हर साल लाखों लोग इस परीक्षा को देने के लिए बैठते हैं और उनमे से सिर्फ कुछ ही इस एग्जाम की अग्निपरीक्षा को पार करके मसूरी पहुँच पाते हैं जहाँ इन सबी सिलेक्टेड ऑफिसर्स को 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग से गुज़रना होता है जिसमें ये अपने आधिकारो एवं कर्तव्यों को सीखते समझते हैं I देश के लगभग हर हिस्सें में एक छोटी दुनिया होती जिसमें यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवा अपनी दुनिया को दुरुस्त करने की लड़ाई में जुटे होते हैं और ये लड़ाई उसी दिन ख़त्म होती है जैसे आज के दिन 829 लोगों की लड़ाई ख़त्म हो गई और उनको वो रास्ता मिल गया जिसके लिए वो लोग इतने समय से मेहनत कर रहे थे

यूपीएससी क्लियर करने से पहले जैसी ज़िंदगी अभ्यर्थी जीते हैं उसी संघर्ष के सुख को बाद में उन्हें भोगने का अवसर प्राप्त होता है और ये ही लोग बाद में जाकर भारत के प्रशाशनिक भविष्य की राह को आसान बनाते हैं, इन लोगों की वज़ह से हिंदुस्तान अलग सपने देखना शुरू करता है I दिल्ली में एक जगह है जो नार्थ कैंपस से कुछ ही दूरी पे है जगह का नाम है, “मुख़र्जी नगरअगर मुख़र्जी नगर को यूपीएससी और बाकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालो का मक्का भी कहा जाये तो ग़लत नहीं होगा क्यूँ देशभर के विद्यार्थी यहाँ जुटते हैं जिससे वो आईएएस अधिकारी बनने के सपने को पूरा कर सकें और इस सपने तक पहुँचने के लिए उन्हें मुख़र्जी नगर के दर्शन करने होते हैं जहाँ पर इन परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले इंस्टिट्यूट की भरमार है

वैसे मुख़र्जी नगर का भी अपना इतिहास है, भारत के विभाजन के बाद हज़ारों की संख्या में शरणार्थी हिंदुस्तान की राजधानी दिल्ली पहुँचे तो उन्हें किंग्सवे कैंप (अब मुख़र्जी नगरकी पुनर्वास कॉलोनी में बसाया गया यहीं पर हडसन लेन, आउटरेम लेन और रीड्स लेन है, पहले इन शरणार्थियों को टेंट अनुर आर्मी बैरक्स में रखा गया था I कुल्मिलकर मुख़र्जी नगर का ऐतिहासिक महत्व है दिल्ली में ख़ासकर, वैसे तो सारी दिल्ली का एतिहासिक एवं राजनितिक महत्त्व हैं” I 

यूपीएससी एग्जामिनेशन को देश का सबसे कठिन एग्जाम इसलिए माना जाता है क्यूंकि इस एग्जाम में भारत की आत्मा बसती है और ये बात मैं बहुत सोचसमझकर कह रहा हूँ, क्यूंकि इस एग्जाम का स्लेबस ऐसा है जिसमें पूरा हिंदुस्तान पढना होता है और जब आप ऑफिसर बन जाते हैं तो आपको हिंदुस्तान की उन समस्याओं और लोगों तक पहुँचने का मौका मिलता है जिन्हें ना अपने अधिकारों के बारे में सही जानकारियाँ हैं और ना ही उन तक पहुँच I वो लोग सिर्फ एक वोट बैंक की तरह हो जाते हैं और हर सिविल सेवा अधिकारी का कर्तव्य बनता है की वो उस आख़िरी व्यक्ति तक पहुँचे और उसकी समस्या का समाधान करें जिससे की उस व्यक्ति का बेटा भी आगे चलकर उस सपनें को देख पाए कि शायद वो भी एक दिन यूपीएससी क्लियर कर जाये

चयनित हुए सभी युवा अधिकारियों को शुभकामनाएं

बाक़ी सपने देखते रहिये

प्रवीण झा         

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