शास्त्रीय संगीत के पद्म विभूषणं पंडित जसराज विदा हुए

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भारतीय शास्त्रीय संगीत गायक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज जी का सोमवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया, पंडित जी के देहावसान से शास्त्रीय संगीत ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष में एक शोक की लहर व्याप्त है I आज शास्त्रीय का एक उजला चंद्रमा उस दिव्य गति को प्राप्त हुआ जिस चंद्रमा की शीतलता ने वर्षोँ संगीत की साधना कि और आम जनमानस के मन में संगीत के लिए वो दिए प्रज्वलित क्र दिए जो युगोंयुगों तक पंडित जसराज जी के नाम से प्रकाशमान रहेंगे I     

संगीत मार्तंड पंडित जसराज का संबंध मेवाती घराने से है, जसराज जब सिर्फ 4 वर्ष की आयु में थे तो उनके पिता पंडित मोतीराम जी का देहांत हो गया था और और पंडित जसराज की सारी ज़िम्मेदारी और उनका पालन पोषण उनके बड़े भाई पण्डित मणीराम ने पूरा किया I पंडित जसराज जी के नाम पर इंटरनैशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (आईएयू) ने साल 2019 में एक एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) का नाम रखा था। यह सम्मान पाने वाले जसराज पहले भारतीय संगीतकार थे। इसके अलावा पंडित जी संगीत की दुनिया में 80 से अधिक वर्ष बिताये और कई पुरुस्कार प्राप्त किए लेकिन कल यानी सोमवार 17 अगस्त 2020 को उनकी मृत्यु अमेरिका के न्यू जर्सी में हुई।

पंडित जी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि साल 1952 में अपने पहले पब्लिक कॉन्सर्ट में नेपाल के रजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह ने उन्हें 5,000 सोने के सिक्के इनाम दिए थे, पंडित जसराज ने बताया था कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था, पसीना आ रहा था और मैं लगभग बेहोश हो गया था” I 

पंडित जी के निधन के पश्चात अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित जसराज के साथ अपनी कुछ फ़ोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए ट्वीट किया, “भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक खालीपन आ गया है।उन्होंने लिखा, “ना सिर्फ उनकी प्रस्तुतियां लाजवाब थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।

पंडित जसराज जी के निधन के पश्चात भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर में उनके चाहने वालों में शून्य पसर गया था I 

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