Blunt बातचीत विद राइटर- प्रियंवदा दीक्षित…

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१. अपने बारे में कुछ हमारे पाठकों को बताईये, लेखन की शुरुआत करने से पहले आप क्या किया करती थी I

काका हाथरसी की भूमि पर जन्म और महादेवी वर्मा के शहर इलाहाबाद से शिक्षा दीक्षा प्राप्त की।  इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से Bachelor in media studies कि पढ़ाई करी। लगातार असफलता देखने के बाद 2017 से लिखना आरंभ किया। 

२.आपकी अभी तक कौन-कौन सी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, थोड़ा अपनी पुस्तकों के बारे में बताईये I 

2019 में मेरी पहली पुस्तक तुम्हारी प्रियम प्रकाशित हुई,जिसे हिंदी ब्लू ने प्रकाशित किया,उस किताब में उस प्यार को दिखाया गया है जिन्हें शब्दों के जाल में नहीं फँसा पाते है। जब भी प्यार का नाम आता है हम उसे दो भागों में बाँटने की कोशिश करते हैं, एक शादी से पहले का प्यार जिसमें सभी युगल जोड़े एक-दूसरे के साथ भविष्य की कल्पना करते हैं या फिर दूसरा शादी के बाद का प्यार जिसमें हम एक-दूसरे का साथ देने की कसमे खाते हैं। पर कभी उन रिश्तों के प्यार को समझने की कोशिश ही नहीं करते जो हमको बस प्यार करते हैं। बिना किसी भविष्य की कल्पना किए, जो बस हमारा साथ देते हैं। 

३. पहली पुस्तक छपवाना कितना मुश्किल था और छपने के बाद के अहसास के बारे में बताईये I   

माता पिता के अधिवक्ता होने के कारण पहली पुस्तक को जनता तक लाना बहुत ही मुश्किल रहा,किताब लिखना इतना मुश्किल नहीं था जितना मुश्किल था एक अच्छा प्रकाशन ढूंढना ।
हिंदी युग्म ब्लू से जैसे ही मेरी पहली किताब तुम्हारी प्रियम छपी उसके बाद से धीरे-धीरे उस किताब को पाठकों का प्यार मिलने लगा और वह एहसास सबसे सुखद था जब पाठक आकर मुझे बताते थे कि उनको मेरी किताब अच्छी लगी और कुछ पाठकों ने मेरी लेखनी को मुंशी प्रेमचंद की लेखनी  जैसा भी कहा जो कि मेरे लिए बहुत ही बड़ी बात है क्योंकि मैंने सिर्फ अभी शुरुआत की है। 

४. आपकी कौन सी क़िताब का करैक्टर/लाइन आपको सबसे प्रिय है और आख़िर क्यूँ I 

वैसे तो हर पाठक के लिए उसके लिखे किरदार से उसे प्यार होता है लेकिन मेरे लिए सबसे प्यारा किरदार था मेरी पहली कहानी तुम्हारी प्रियम का सिप्पी, जिसके भोलेपन से मुझे प्यार हो गया और उस कैरेक्टर की सबसे प्यारी लाइन मुझे लगती है जब भी वह अपनी मां को याद करता तो मंदिर में जाकर भगवान के सामने चिट्ठी रखा आता था, ताकि उसकी यह चिट्ठी पढ़कर भगवान शायद उसकी मां को वापस भेज दें। 

५. कोई नया लेखक अपनी पहचान कैसे बनाए I 

तुम्हारी प्रियम से मिले प्यार के बाद मेरी अगली किताब Ishq out of budget भी  पाठकों के दिल  में अपनी जगह बना चुकी है यह किताब राजमंगल पब्लिकेशन ने पब्लिश की है। इस किताब की कहानी शुरू होती है इलाहाबाद शहर से, जहां रहते हैं इस कहानी के दो दीवाने मीरा माधव और उनका इश्क जो आउट ऑफ बजट है और इसी इश्क को कोरे पन्नों पर उतारा है आशी ने। 

६. आप किस नई क़िताब पर काम कर रहे हैं, पाठकों के लिए संदेश I

कहानी का अंत वह नहीं होता जहां कहानी खत्म होती है कहानी का अंत वह होता है जहां पाठक कहानी का अंत मान लेता है। 

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