सूरत में कंगना प्रिंट साड़ी “लॉन्च”…

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पहले लोग राजनीति में मेहनत से ज़मीनी स्तर की लड़ाईयां लड़कर आते थे लेकिन भारतीय राजनीति बदली है और अब इसमें लोग लॉन्च होते हैं I खैर सबको हक़ है अपनी बात कहने का और कंगना रानौत ने भी उसी हक़ का इस्तेमाल किया और उन्होंने अपनी बात कही और शिवसेना और कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है I

कंगना के ऑफिस को बीएमसी ने तोड़ दिया उसके बाद राजनीति बहुत ज्यादा तेज़ हो गई और कंगना ने इसी सिलसिले में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से भी मुलाक़ात की और अब इस मुलाक़ात के बाद इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं I

महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं अभिनेत्री कंगना रानौत

इस बैठक के बाद कंगना रानौत ने कहा कि, “मैंने अपना पक्ष रखा है और न्याय का निवेदन किया है” I कंगना के विरोधी उनपर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले को आधार बनाकर उसपर अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगा रही है और कंगना ने इसको महिला की अस्मिता का मुद्दा बना लिया है I

कुल-मिलाकर राजनीति बहुत ज़्यादा हावी हो गई है और अब आने वाले दिनों में ये और बढ़ेगी ही और आज कंगना रानौत अपने गृह-राज्य हिमाचल के लिए रवाना हो गई हैं तो कुल-मिलाकर मामला अब पूरी तरह से राजनैतिक हो चुका है I

कंगना ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि;

चंडीगढ़ मे उतरते ही मेरी सिक्यरिटी नाम मात्र रह गयी है, लोग ख़ुशी से बधाई दे रेही हैं, लगता है इस बार मैं बच गयी, एक दिन था जब मुंबई में माँ के आँचल की शीतलता महसूस होती थी आज वो दिन है जब जान बची तो लाखों पाए, शिव सेना से सोनिया सेना होते ही मुंबई में आतंकी प्रशासन का बोल बाला। दिल्ली के दिल को चीर के वहाँ इस साल खून बहा है, सोनिया सेना ने मुंबई में आज़ाद कश्मीर के नारे लगवाए, आज आज़ादी की क़ीमत सिर्फ़ आवाज़ है, मुझे अपनी आवाज़ दो, नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब आज़ादी की क़ीमत सिर्फ़ और सिर्फ़ ख़ून होगी।

अब देखने वाली बात ये है कि आने वाले दिनों में कंगना राजनीति में एंट्री लेकर अपने टूटे ऑफिस का इंसाफ मांगेगी या कोर्ट के रास्तें इंसाफ़ की गुहार लगायेंगी I

बाकी इलेक्शन 2024 में है I

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