तापसी की ” हसीन दिलरुबा ” का जाने रिव्यू

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मूवी:- हसीन दिलरुबा

रेटिंग:-
• स्टोरी:- 3.25/5
• एक्टिंग:- 3.75/5
• डायरेक्शन:- 3.25/5
• ओवरआल:- 3.25/5

रिलीज डेट:- 02/07/2021
प्लेटफार्म:- नेटफ्लिक्स

डायरेक्टर:- विनिल मैथ्यू
प्रोडक्शन:- आनंद एल राय

कलाकार:- तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी, हर्षवर्धन राणे
जॉनर:- मिस्ट्री थ्रिलर

कहते हैं की किताबों को अपना दोस्त बना लो, कभी साथ नहीं छोड़ेगी। कुछ किताबें होती है जो हमारे दिल के बेहद करीब होती है। कुछ किताबों में हम खुदको खोजते हैं तो कुछ किताबें हमें खोजते हुए पहुँच जाती है। इस फ़िल्म में मुख्य किरदार मैं कहूँगा एक किताब ही है।

इस फ़िल्म की कहानी मुख्य किरदार “रानी कश्यप” (तापसी पन्नू) और उनके पति ऋषभ (विक्रांत) के इर्द गिर्द घूमती है। वैसे तो मोटे तौर पर फ़िल्म मियाँ बीवी के बीच तीसरे आदमी के घुस जाने की है। बीवी को दिनेश पंडित की क्राइम थ्रिलर किताबें बड़ी पसन्द होती है।

इसमें दिखाया गया है कि रानी और ऋषभ की पहली मुलाकात में ऋषभ अपनी होने वाली बीवी से प्यार कर बैठता है। दोनों की शादी हो जाती है लेकिन शादी के बाद ऋषभ अपनी पत्नी रानी को शारीरिक खुशी नहीं दे पाते हैं। इसी का फायदा उनका मौसेरा भाई “नील त्रिपाठी” (हर्षवर्धन राणे) उठा लेता है। यहीं से पारम्परिक मियाँ बीवी वाली कहानी शुरू हो जाती है।

फ़िल्म को एक मिस्ट्री थ्रिलर का रूप दिया गया है जो कि इतना फिट नहीं बैठता है। फ़िल्म का स्क्रीनप्ले काफी उलझा हुआ है। फ़िल्म के क्लाइमेक्स को छोड़ दिया जाए तो कोई खास सस्पेंस नहीं। फ़िल्म में तापसी पन्नू काफी खूबसूरत नजर आती हैं।

बात अगर एक्टिंग की करें तो हम सब जानते हैं की तापसी पन्नू बेहद कमाल अदाकारा हैं। मुझे निजी तौर पर विक्रांत मैसी का अभिनय कमाल लगा। वो हर तरह से अपने रोल में फिट बैठे हैं। हर्षवर्द्धन को एक कैमियो की तरह दिखाया गया है।

फ़िल्म के डायरेक्टर “विनिल मैथ्यू” फ़िल्म में अच्छा थ्रिल दाल सकते थे। कैमरा वर्क फिर भी ठीक है लेकिन स्क्रीनप्ले उलझ हुआ है, कहानी ठीक ठाक है। फ़िल्म को एक बार देखा जा सकता है।

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