इश्क़ वाली पॉलिटिक्स

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31 जुलाई 2020 

इश्क़ में होना किसी भी इंसान के लिए दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है। अगर आपने कभी किसी को सच्चा प्यार किया हो तो शायद आप भी मेरी बात से सहमत होंगे अगर आप सहमत नहीं हैं तो यकीं मानिये आपको सच मे सच्चे इश्क़ की जरूरत है। आपको इश्क़ किसी से भी हो सकता है किसी इंसान से, किसी जानवर से, किसी वस्तु से, किसी से भी हो सकता है।

अब आप राजस्थान में ही देखिए ने गहलोत साहेब को अपने विधायकों से कितना प्रेम है। इतना प्रेम की उनसे दूर होने की वेदना उन्हें इस कदर घेरे हुए है कि वो एक पल भी उनसे दूर नहीं होना चाहते और इस वज़ह से सरकार काफ़ी दिनों से आत्मनिर्भर मोड में गई है अब लोग इसमें कहेंगे राजनीति है लेकिन अगर विधायकों से प्रेम नहीं दिखायेंगे तो वो ब्रेकअप ना कर लें कहीं I  

इश्क़ करने वाला इंसान बहुआयामी प्रतिभा का धनी होता है। वो अपने इश्क को आबाद रखने के लिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करता रहता है। विकास दुबे को इश्क था, शोहरत कमाने से, दबदबा कायम करने से, और उसने अपने इश्क को आबाद करने के लिए अपनी सभी ग़लत तरह के काम भी किये और अंत वही हुआ जो ग़लत कामों का होता है

किसी की यादों में रातें बर्बाद करके आँखों के नीचे जो काले घेरे हो जाते हैं न वो दरअसल इश्क का दस्तखत होता है, और वो दस्तखत अपने अंदर समेटे होता है कई खट्टी मीठी यादों को जो दुनियादारी के चासनी में डूबकर और गाढ़े हो जाता है। अब आप सोचेंगे कि मैं इश्क़ की बात करते करते किसी कंपनी के dark shades remover क्रीम का विज्ञापन तो नहीं करने लगा। तो सुनिए मैं बात कर रहा हूँ उन किसानों की जो दिन रात मेहनत करके अपने खेतों में फसल उगाते हैं और उनकी आँखें ख्वाब सजाए रहती है अच्छी फसल के रूप में अपने इश्क को पनपते हुते देखने की और किसी प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से उनकी फसल नष्ट हो जाती है तो उनकी आँखों से इश्क धुँआ बन कर ओझल हो जाता है और मानो इश्क की छाप बन कर रह जाते हैं आँखों के नीचे वो काले घेरे ।

आपने कभी सपने में ऐसा देखा है क्या कि किसी ने आपके कंधे पे चुपके से अपना हाथ रख दिया हो और आपसे पूछा हो , “सुनो, कैसे हो तुम?” अगर आपने नहीं देखा हो कभी ऐसा सपना तो आपको इकतरफा इश्क करने की जरूरत है क्योंकि मैंने अपने जीवन में देखा है कई एकतरफा आशिकों को दिन में ख़्वाब देखते हुए।

अब ऐसा हो कि आप ये भी समझ पायें की मैं मोदी जी से उम्मीद लगाए जनता की बात कर रहा हूँ।

अच्छा सुनो, एक बात बताता हूँ, जरा और पास आओ पहले, हाँ अब सुनो,

कल रात पता है क्या हुआ!!! 

कल रात तुम्हारी यादों ने दस्तक दी और तुमसे मिल पाने का दर्द मेरी आँखों से छलक पड़ा। यह मेरा तुमसे इश्क है।

सुनो, एक बार सबको इश्क जरूर करना चाहिए।

मनीष रंजन पाण्डेय

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