हिम्मत की मिसाल “सुधा चंद्रन”

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टीवी की दुनिया एक ऐसी जगह है जहाँ पर पल भर में सब बदल जाता है लेकिन इस भागती हुई दुनिया के बहुत सच ऐसे हैं जो दुनिया के सामने कभी नहीं आते हैं I सब फ़िल्म या टीवी की दुनिया में आते हैं जिससे वो नाम, पैसा और शोहरत सब कमा सकें I टीवी की दुनिया का एक ऐसा ही नाम हैं सुधा चंद्रन जिनकी जितनी तारीफ़ की जाये वो कम है I पूरे एशिया में बल्कि पूरी दुनिया भर में सुधा चंद्रन ने अपने काम से एक मिसाल पैदा की और बेहद मशहूर भरतनाट्यम कलाकार के रूप में अपना लोहा मनवाया I लेकिन वो कहते हैं ना की बिना कुछ खोए हुए ज़िन्दगी में कुछ नहीं मिलता और यही हुआ सुधा चंद्रन के साथ भी साल 1981 में हुए एक एक्सीडेंट के बाद उन्हें अपना एक पैर खोना पड़ा और बाद स्थिति तब और ज्यादा ख़राब हो गई जब उन्हें गैंगरीन हो गया और इस वज़ह से डॉक्टर्स को उनका एक पैर काटना पड़ गया I

आप सोच कर देखिये की एक मशहूर भरतनाट्यम डांसर जिसने पूरी दुनिया में नाम कमाया हो और अंत में उनका पाऊँ काटना पड़ जाए ये वैसा ही है जैसे किसी जादूगर से उसकी छड़ी वापस छीन ली जाए I लेकिन कहते हैं ना की हिम्मती लोग कभी हार नहीं मानते और वो लगातार अपने काम को बेहतर बनाने में लगे रहते हैं जिससे की दुनिया एक बेहतर जगह बन सकें और ऐसे ही सुधा चंद्रन जी ने भी हार नहीं मानी I सुधा चंद्रन वापस फिर से अपने पैर पर खड़ी हुई और जयपुरिया फुट लगाने के बाद के अगले 2 साल में फिर से ट्रेनिंग शुरू की और जब एक बार वो वापस ही गई तो ऐसी वापसी हुई जिसकी दुनिया दीवानी हो गई और सुधा जी ने एक बार फिर से अपने डांस का जौहर फिर से बिखेर दिया I सुधा जी ने उसके बाद टीवी और फ़िल्मी दुनिया में भी काफी नाम कमाया I    

सुधा चंद्रन की कहानी से कई लोगों को हिम्मत मिली और आज भी लोग उनसे हिम्मत लेते हैं, इसलिए आपको कभी ये लगता है की आप हार मानना चाह रहे हैं उस दिन आप सुधा चंद्रन जी की बायोग्राफी उठाकर पढ़ लेना I

सुधा जी की हिम्मत को लाखों सलाम I   

प्रवीण झा 

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