प्रकाश झा की वेब सीरीज़ आश्रम का रिव्यु…

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वेबसीरीज: आश्रम
डायरेक्टरः प्रकाश झा
कलाकारः बॉबी देओल, चंदन रॉय सान्याल, अदिती पोहणकर, अध्ययन सुमन और दर्शन कुमार

एपिसोड  : 9
रेटिंगः 3.5/5

हमारे देश में कुकुरमुत्ते की तरह फैल हुए पाखंड का जो व्यापार है, उस का पर्दाफ़ाश करती है प्रकाश झा की आश्रम|

“प्रकाश झा” एक बार फिर समाज में फैले हुए अन्धविश्वास को बड़े पर्दे पर उतारने में सफल हुए है| प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म परीक्षा के बाद अब इनके निर्देशन में बनी एक नई वेब सीरिज ‘आश्रम’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है।

आशाराम, गुरमीत राम रहीम और संत रामदास जैसे बाबाओं का पर्दाफाश होने बावज़ूद, आज भी आए दिन ऐसी अंधविश्वास की घटनाएं सामने आती है, जो रौंगटे खड़े कर देती है।

इस वेब सीरिज की कहानी मेे यह दिखाया गया है कि हमारे देश में पिछले कई सालों से चले आ रहे बाबा और ढोंगी संतों की जिनके प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास है वो किस तरह हमारे समाज को खोखला  कर रहे है|

ये बीमारी हमारे समाज में कोरोना से बड़ी है और इसी से बचने के लिए प्रकाश झा की ये वेब सीरीज एक “करोनिल” की तरह है| ये लोगो जागरूक बनती  है और इन सब बीमारियों से दूर रहने के लिए प्रोतसाहित कराती है|

इस सीरिज में बॉबी देओल सबसे खास किरदार “बाबा काशीपुर” वाले के रूप में नजर आएं है, इनकी क्यूट सी स्माइल और आँखों के जाल का शिकार सभी लोग होंगे|

उम्मीद है इसके बाद जल्दी ही बॉबी को फिल्मों में देखने का भी मौका मिलेगा|

कहानी है काशीपुर वाले बाबा और उनके प्रति अटूट श्रद्धा वाले श्रद्धालुओं की है जो ये नहीं जान पाते कि बाबा के नाम के चोगे में एक मुजरिम बैठा है। बाबा निराला काशीपुर वाले की जिनका काफी बड़ा आश्रम है। इस आश्रम में दान-धर्म का काम होता है। बाबा सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद करते है। उसके पास स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और वृद्धा आश्रम जैसी ना जाने कितनी संपति है। बाबा के इस मायाजाल में लोग आसानी फंस जाते हैं।

 लोगों को आश्रम में रहने की छूट है। यहां काम और सैलरी भी दी जाती है। बाबा की अपनी राजनीतिक में भी पकड़ है। सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी दोनों ही अपने लाभ के लिए मत्था टेकते हैं। बाबा के आश्रम का प्रबंधन देखते हैं भूपेंद्र सिंह यानी भोपा। भोपा ही बाबा का दूसरा हाथ है। भोपा सबकुछ मैनेज करता है, किसे कैसे निपटाना है।

इस बीच एक हाइप्रोफाइल प्रोजेक्ट में काम के दौरान एक कंकाल मिलता है। इस कंकाल की जांच करने के लिए इंस्पेक्ट उजागर सिंह ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद उजागर धीरे-धीरे उन कड़ियों तक पहुंचता है, जो हत्यों को सीधे बाबा से जोड़ती हैं।

इस सीरिज मेे सभी ने बेहतर अभिनय किया है, बॉबी देओल (Bobby Deol) भी काफी दिनों बाद फिल्मों में नजर आए हैं,वहीं रंग दे बंसती जैसी फ़िल्मों में नज़र आ चुके चंदन रॉय ने भी भोपा के किरदार को बखूबी निभाया है ।पुरी तरह से कहानी इस पार्ट मेे नहीं दिखेगी ,इसके आगे क्या होगा इसके लिए दर्शकों को आश्रम पार्ट 2 का इंतजार करना होगा।

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